गुरुवार, 4 अगस्त 2022

पूछते हैं वो...

पूछते है वो 
मोहब्बत कितनी करते हो...
इश्क को मापने का कोई 
पैमाना हो तो कह दो...

तुम्हीं हो और बस
तुम्हीं रहोगे आखिरी दम तक
इसे जो आखिरी दम
ले के समझाना हो तो कह दो

कई तोहमत ज़माने ने 
हमारे नाम रखा है...
तुम्हें भी गर कोई इल्ज़ाम
लगाना हो तो कह दो...

रैन की गोद में दीपक 
कमल के फूल पे भौरे...
तुम्हें भी साथ उतना ही 
निभाना हो तो कह दो...

Anupriya

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